AUTHORS : Viveak Sharshwat , Prof. Umesh Chandra
ISBN : 9789357552417
पाठ्यक्रम
ज्ञान एवं पाठ्यचर्या
इकाई 1- ज्ञान का अर्थ एवं प्रकृति
ऽ शिक्षा में ज्ञान का अर्थ एवं प्रकृति।
ऽ सूचना, ज्ञान, विश्वास एवं मत के बीच अंतर।
ऽ जानने के साधन एवं तरीके।
ऽ ज्ञान संचरण एवं निर्माण में ज्ञाता व ज्ञेय की भूमिका।
इकाई 2- पाठ्यचर्या की अवधारणा
ऽ पाठ्यचर्या का अर्थ, परिभाषा एवं विशेषताएँ।
ऽ माध्यमिक स्तर एवं उच्च माध्यमिक स्तर पर पाठ्यचर्या का क्षेत्र।
ऽ माध्यमिक स्तर पर पाठ्यचर्या के उद्देश्य एवं व्यावसायिक पाठ्यचर्या
ऽ पाठ्यचर्या एवं शिक्षा के बीच सम्बन्ध।
इकाई 3- ज्ञान के प्रसारण के लिए संगठनात्मक वातावरण
ऽ एक संगठन के रूप में विद्यालय - स्कूल संगठन, प्रशासन एवं प्रबंधन के अर्थ, आवष्यकता, प्रकार एवं सिद्धांत।
ऽ सह-पाठ्यचर्या सम्बन्धी गतिविधियाँ - सह-पाठ्यचर्या गतिविधियों के आयोजन का अर्थ, महत्त्व एवं सिद्धांत।
ऽ विद्यालयी पाठ्यचर्या में भाषा का स्थान।
ऽ विद्यालयी वातावरण- प्रवाहकीय, शिक्षार्थी के अनुकूल, समावेशी, जीवंत
इकाई 4- ज्ञान के निर्माण के लिए शिक्षक एवं प्रधानाचार्य की भूमिका
ऽ नेतृत्व- शिक्षकों एवं छात्रों में नेतृत्व की गुणवत्ता की अवधारणा, आवश्यकता और विकास।
ऽ अनुशासन - अवधारणा, अनुशासन का आधार, अनुशासनहीनता के कारण और इसका उपचार, अनुशासन बनाए रखने की तकनीक के रूप में संसाधन, पुरस्कार व दंड।
ऽ उचित कक्षा प्रबंधन और सीखने के माहौल में शिक्षक की भूमिका, शिक्षकों का आत्म मूल्यांकन और जवाबदेही।
ऽ दण्ड एवं इसके कानूनी निहितार्थ।
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AUTHORS : Viveak Sharshwat , Prof. Umesh Chandra
ISBN : 9789357552417
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