(Prof.) Dr. Neelesh Patel
Reeta Gulhane
9789389627008
पाठ्यक्रम
बाल्यावस्था एवं बाल विकास
इकाई 1-विकास सम्बन्धी दृष्टिकोण
ऽबाल विकास का परिचय-वृद्धि, विकास एवं परिपक्वता की अवधारणा, विकास के सम्बन्ध में विविध दृष्टिकोण की अवधारणा एवं परिचय, मानविकी मनोविज्ञान एवं विकासात्मक सिद्धान्त।
ऽबाल विकास के अध्ययन की स्थायी विषयवस्तु-बहुआयामी एवं बहुलता रूप में विकास, जीवनकाल में सतत् रूप से विकास, विकास पर सामाजिक सांस्कृतिक पृष्ठभूमि का प्रभाव।
ऽबाल विकास के अध्ययन के लिए विभिन्न प्रविधियाँ-प्रकृतिवादी अवलोकन, साक्षात्कार, विशिष्ट झलकियाँ एवं वर्णात्मक कथाएँ, पियाजे का बाल विकास का सिद्धान्त।
ऽबच्चों की समावेशी शिक्षा-अवधारणा और प्रविधियाँ।
इकाई 2-शारीरिक- गत्यात्मक विकास
ऽशारीरिक-गत्यात्मक विकास, वृद्धि एवं परिपक्वता।
ऽशारीरिक-गत्यात्मक विकास के लिए अवसर उपलब्ध कराने में अभिभावक एवं शिक्षकों की भूमिका, जैसे-खेल आदि।
इकाई 3-भाषा सामाजिक एवं भावनात्मक विकास ;स्ंदहंनंहमए ैवबपंस ंदक म्उवजपवदंस क्मअमसवचउमदजद्ध
बोलना एवं भाषा विकास
ऽपूर्व-भाषायी सम्प्रेषण।
ऽभाषा विकास की अवस्थाएँ।
ऽभाषा विकास के स्रोत-घर, शाला एवं मीडिया।
ऽभाषा के उपयोग-संवाद एवं वार्तालाप में बच्चों की बातचीत को सुनना।
ऽसंवाद में सामाजिक सांस्कृतिक भिन्नताएँ-उच्चारण।
ऽसम्प्रेषण के विभिन्न तरीके और कहानी कहना।
सामाजिक विकास
ऽसामाजिक विकास में परिवार, सहपाठियों एवं स्कूल की भूमिका।
ऽसामाजिक विकास में स्पद्र्धा, अनुशासन, पुरस्कार एवं दण्ड की भूमिका।
ऽसंवेगों की आधारभूत समझ-गुस्सा, डर, चिंता, खुशी आदि।
ऽसंवेगों का विकास, संवेगों के कार्य, बाल्वी का लगाव सिद्धान्त।
इकाई 4-समाजीकरण का संदर्भ
ऽसमाजीकरण की अवधारणा एवं प्रक्रियाएँ।
ऽसमाजीकरण में सामाजिक एवं सांस्कृतिक भिन्नताएँ।
ऽपरवरिश, परिवार एवं वयस्क एवं बच्चों के बीच सम्बन्ध, पालन पोषण के तरीके, बच्चों का अभिभावकों से अलग रहना, झूलाघरों में रहने वाले बच्चे, अनाथालय।
ऽस्कूलिंग-शिक्षक बालक का साथ सम्बन्ध एवं शिक्षक की भूमिका।
ऽसहपाठियों के साथ सम्बन्ध-साथी मित्रों के साथ सम्बन्ध, स्पद्र्धा एवं सहयोग, बचपन के दौरान उग्रता एवं शरारत।
ऽसामाजिक सिद्धान्त एवं लैंगिक (जेंडर) विकास-लिंग आधारित भूमिकाओं का आशय, लिंग आधारित भूमिकाओं पर प्रभाव, रूढ़वादिता, खेल के मैदान में लिंग (पहचान) का प्रभाव।
ऽशाला त्यागी की समस्या।
इकाई 5-बचपन
ऽबालश्रम, बाल शोषण, गरीबी, वैश्वीकरण विद्यालय से गैरहाजिरी की समस्या एवं वयस्क संस्कृति के संदर्भ में बचपन।
ऽबचपन की धारणा में समानताएँ एवं विविधताएँ और खासतौर से भारतीय संदर्भ में किस तरह बचपन पनपते हैं।
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