- Out-of-Stock
ISBN- 978-93-90972-15-9
AUTHOR- Dr. Vijay Pratap Singh
इकाई-1
जैविक विज्ञान की प्रकृति-जीव विज्ञान के मुख्य क्षेत्र एवं आधुनिक जीवन पर उसके प्रभाव, वैष्वीकरण एवं जीव विज्ञान, जीव विज्ञान में मार्गदर्षक खोज एवं ऐतिहासिक विकास, जैविक विज्ञान क्षेत्र में व्यवसाय, जैविक विज्ञान षिक्षक के गुण।
इकाई-2
विद्यालयी पाठ्यचर्या में एक अध्यापन विषय के रूप में जीव विज्ञान के समावेषन का औचित्य, विद्यालयी षिक्षा में माध्यमिक स्तर पर जीव विज्ञान षिक्षण के उद्देष्य, शैक्षिक उद्देष्यों का वर्गीकरण।
इकाई-3
जीव विज्ञान अनुदेषन के लिए उपयोग की जाने वाली प्रमुख विधियाँ-व्याख्यान विधि, प्रदर्षन विधि, परिचर्चा विधि, प्रदर्षन विधि, प्रयोजना एवं अन्वेषण विधि।
इकाई-4
पाठ्य सहगामी एवं निरौपचारिक उपागम-गतिविधि उपागम एवं जीव विज्ञान षिक्षण की निरौपचारिक विधियाँ, जैसे-क्षेत्र भ्रमण, बागवानी, जैविक विज्ञान संग्रहालय, एक्वेरियम का रख-रखाव, हरबेरियम, वाइबेरियम, प्रोजेक्ट कार्य का प्रारम्भ, विज्ञान मेला एवं प्रदर्षन के आयोजन का महत्त्व।
इकाई-5
जीव विज्ञान षिक्षण हेतु योजना-वार्षिक योजना, इकाई योजना, पाठ योजना, पाठ्य-सामग्री विष्लेषण एवं शैक्षणिक विष्लेषण का विकास। आषुरचित उपकरणों की तैयारी एवं विकास- तैयारी, चयन एवं षिक्षण सहायक सामग्री का उपयोग, जीव विज्ञान षिक्षण में कम्प्यूटर का उपयोग।
इकाई-6
पाठ्यचर्या एवं संसाधन उपयोग-जीव विज्ञान पाठ्यचर्या निर्माण के लिए सिद्धान्त।
इकाई-7
पाठ्य सहायक उपकरण एवं समर्थन/सहायक सामग्री-जर्नल्स, छात्र कार्य-पुस्तिका, स्लाइड प्रदर्षन, प्रयोगषाला सामग्री, दृष्य-श्रव्य समर्थन/सहायक सामग्री।
इकाई-8
जीव विज्ञान षिक्षण के मूल्यांकन परिणाम-जीव विज्ञान षिक्षण अधिगम के परिणामों का आंकलन करने के लिए विभिन्न पद प्रारूपों के गुण एवं सीमाएँ संरचनात्मक एवं योगात्मक मूल्यांकन, निदानात्मक परीक्षण एवं उपचारात्मक षिक्षण, अधिगम के रूप में प्रारम्भिक मूल्यांकन के उपकरण विकसित करना, अंग्रेजी भाषा के षिक्षण में क्रियात्मक अनुसंधान एवं प्रोजेक्ट कार्य।
Specific References
Your review appreciation cannot be sent
Report comment
Report sent
Your report cannot be sent
Write your review
Review sent
Your review cannot be sent
ISBN- 978-93-90972-15-9
AUTHOR- Dr. Vijay Pratap Singh
check_circle
check_circle